
बिहार में जमीन से जुड़ी सरकारी सेवाओं को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के अपने दस्तावेज प्राप्त कर सकें। इन्हीं सेवाओं में एक महत्वपूर्ण सेवा है जमीन का नक्शा प्राप्त करना। अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि आखिर अपनी जमीन का बड़ा नक्शा कैसे निकलवाएं कहाँ से प्राप्त करें, कितना शुल्क लगेगा और प्रक्रिया क्या है। कई बार लोग ऑनलाइन प्रक्रिया को समझ नहीं पाते या प्रीव्यू ठीक से न दिख पाने की वजह से नक्शा मंगाने में हिचकिचाते हैं। ऐसे में बिहार सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया नया अवसर लोगों के लिए काफी राहत भरा है।
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2025 में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक विशेष स्टॉल लगाया है जहां से कोई भी व्यक्ति मात्र ₹150 प्रति सीट के शुल्क पर अपनी जमीन का नक्शा हाथों-हाथ प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा एक महीने के लिए उपलब्ध है, जो उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो सरल और विश्वसनीय तरीके से अपना नक्शा पाना चाहते हैं। इस स्टॉल पर नक्शे के अलावा दाखिल-खर्च, परिमार्जन और अन्य राजस्व सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको जमीन का नक्शा निकालने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताएंगे चाहे आप मेला जाकर नक्शा लेना चाहें या घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर करना चाहें। साथ ही आप जानेंगे कि किस प्रकार सही नक्शे का चयन करें, कौन-कौन से प्रकार के मैप उपलब्ध हैं और कैसे प्रीव्यू करके सुनिश्चित करें कि आपका नक्शा सही है।
मेला में नक्शा लेने का मौका
सोनपुर मेला 2025 इस बार जमीन का नक्शा निकालने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। बिहार सरकार ने एक माह की अवधि के लिए विशेष स्टॉल की व्यवस्था की है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन का पूरा नक्शा केवल ₹150 प्रति सीट में प्राप्त कर सकता है। यह मौका खास इसलिए है क्योंकि आमतौर पर नक्शा ऑनलाइन मंगाने पर पोस्टल चार्ज और कंटेनर शुल्क जोड़कर लागत लगभग दोगुनी हो जाती है। लेकिन मेला परिसर में यह सेवाएं बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध हैं, जिससे लोग कम खर्च में ही अपने सभी मैप्स प्राप्त कर सकते हैं।
इस मेला स्टॉल की सबसे खास बात यह है कि यहाँ नक्शा लेने से पहले साइट पर ही प्रीव्यू देखने की सुविधा दी गई है, ताकि आप सुनिश्चित कर सकें कि चयन किया गया नक्शा सही मौजा और सही सीट का ही है। गलत मैप निकलवाने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। इसके अलावा, दाखिल-खर्च, परिमार्जन और अन्य भूमि सुधार सेवाएँ भी इसी स्टॉल पर मिल रही हैं, जिससे यह जगह भूमि संबंधी कार्यों के लिए एक वन-स्टॉप समाधान बन जाती है।
अगर आप सोनपुर मेला घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इस अवसर का लाभ अवश्य लें। यह मौका न केवल किफायती है बल्कि तेज़, सरल और पूर्ण रूप से भरोसेमंद भी है।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2025 में विशेष स्टॉल लगाकर राजस्व से जुड़ी कई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह स्टॉल 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक लगाया जाएगा। यहाँ 150 रुपये प्रति शीट पर राजस्व नक्शों की प्रतिलिपि, विभाग की उपयोगी पुस्तकें… pic.twitter.com/vwoSxOTTTT
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) November 23, 2025
सोनपुर मेला 2025 में विशेष सुविधा केवल ₹150 में जमीन का नक्श
सोनपुर मेला 2025 इस बार बिहार के लोगों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है, क्योंकि बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यहां एक विशेष स्टॉल स्थापित किया है, जहां आम नागरिक मात्र ₹150 प्रति सीट के शुल्क पर अपनी जमीन का बड़ा नक्शा प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी, जिससे लोगों को जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज आसानी से प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
जमीन का नक्शा निकलवाने के लिए अक्सर लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया, प्रीव्यू या सही मैप चुनने में परेशानी होती है। लेकिन सोनपुर मेला इसका आसान समाधान लेकर आया है। यहां पर आप सीधे स्टॉल पर जाकर अपने क्षेत्र के नक्शे को प्रीव्यू में देख सकते हैं, सुनिश्चित कर सकते हैं कि नक्शा बिल्कुल सही है, और फिर तुरंत प्रिंट करवा सकते हैं। सबसे बड़ी बात—यहां किसी भी तरह का पोस्टल चार्ज या कंटेनर शुल्क नहीं लिया जाएगा, यानी केवल ₹150 में नक्शा हाथों-हाथ मिल जाएगा।
इसके साथ ही दाखिल-खर्च, परिमार्जन और अन्य भूमि सेवाएं भी स्टॉल पर उपलब्ध हैं। जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से सहज नहीं हैं या तेज़ एवं विश्वसनीय सेवा चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है।
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नक्शा लेने से पहले यह ज़रूर करें
जमीन का नक्शा निकलवाना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, और इसमें किसी भी तरह की गलती आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए नक्शा लेने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले, चाहे आप सोनपुर मेला 2025 से नक्शा ले रहे हों या ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हों, प्रीव्यू अवश्य देख लें। मेला में यह सुविधा और आसान है, क्योंकि आप现场 नक्शे को बड़े स्क्रीन पर देखकर तुरंत यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह वही जमीन है जिसकी आपको जरूरत है। गलत नक्शा ले लेने पर न तो पैसे वापस मिलते हैं और न ही दोबारा सुधार का विकल्प आसानी से मिलता है, इसलिए जांच बेहद जरूरी है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात सीट की संख्या को सही तरीके से समझें। कई बार एक ही मौजा का नक्शा दो या तीन सीट में आता है। ऐसे में पूरी जमीन का स्पष्ट नक्शा प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित सीटों का चयन करना पड़ता है। नक्शा अपूर्ण निकलने से दोबारा प्रक्रिया करनी पड़ेगी, जिससे समय और पैसा दोनों व्यर्थ होंगे।
तीसरी बात, नक्शा लेने से पहले अपने थाना, मौजा, खाता संख्या और प्लॉट विवरण की जानकारी साथ रखें। इससे नक्शा खोजने और सत्यापित करने में आसानी होती है। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप सही और सटीक नक्शा प्राप्त कर पाएंगे।
मेला में नक्शा लेना क्यों बेहतर है?
सोनपुर मेला 2025 में जमीन का नक्शा लेना कई मायनों में बेहतर साबित होता है, खासकर उन लोगों के लिए जो तेजी, आसानी और भरोसेमंद तरीके से अपना नक्शा प्राप्त करना चाहते हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि मेला में आपको तुरंत प्रीव्यू देखने का विकल्प मिलता है। आप मौके पर ही नक्शा स्क्रीन पर देखकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जो मैप आपको दिया जा रहा है, वह सही मौजा और सही प्लॉट का ही है। यह सुविधा ऑनलाइन प्रक्रिया की तुलना में अधिक सरल और स्पष्ट है।
दूसरा बड़ा लाभ यह है कि मेला में केवल ₹150 प्रति सीट देकर नक्शा हाथों-हाथ मिल जाता है। यहां ना तो पोस्टल चार्ज देना होता है और ना ही कंटेनर चार्ज, जिससे कुल खर्च काफी कम हो जाता है। ऑनलाइन ऑर्डर में यही नक्शा ₹285 प्रति सीट तक पड़ जाता है, जबकि मेला में इसे आधे से भी कम कीमत पर प्राप्त किया जा सकता है।
तीसरी बात, मेला में उपस्थित स्टाफ अपनी तरफ से सहायता भी करते हैं। यदि आपको यह समझने में परेशानी हो कि कौन सा नक्शा सही है, कितनी सीट चाहिए, या आपके मौजा में कौन सा सर्वे मैप लागू होता है तो वहां मौजूद कर्मचारी तुरंत मदद करते हैं। इन सभी कारणों से सोनपुर मेला से नक्शा लेना न केवल किफायती बल्कि अधिक सुविधाजनक और झंझट-मुक्त अनुभव बन जाता है।
घर बैठे ऑनलाइन कैसे निकालें?
यदि आप सोनपुर मेला नहीं जा सकते या घर से ही अपना जमीन का नक्शा प्राप्त करना चाहते हैं, तो बिहार सरकार की ऑनलाइन सेवा आपके लिए एक आसान और सुविधाजनक विकल्प है। घर बैठे नक्शा निकालने की प्रक्रिया बिलकुल सरल है और कुछ ही चरणों में पूरी हो जाती है। सबसे पहले आपको बिहार भूमि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, जहां से आप अपने जिले का चयन करते हैं। इसके बाद सब-डिवीजन, सर्कल और मौजा का चुनाव करना होता है ताकि सिस्टम आपके क्षेत्र से संबंधित उपलब्ध मैप्स दिखा सके।
इसके बाद आपको यह देखना होता है कि आपके क्षेत्र में कौन-कौन से प्रकार के मैप उपलब्ध हैं जैसे CS (Cadastral Survey), RS (Revisional Survey) या चकबंदी मैप। सही मैप चुनने के बाद सीट का चयन करना आवश्यक होता है क्योंकि कई बार एक नक्शा दो या तीन सीट में विभाजित होता है। सीट चुनने के बाद आप नक्शा का प्रीव्यू देख सकते हैं, जिससे आपको यह पता चल जाएगा कि मैप सही है या नहीं।
यदि प्रीव्यू सही लगे, तो आप इसे ऐड-टू-कार्ट में डालकर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन ऑर्डर करने पर प्रति सीट लगभग ₹285 का खर्च आता है, जिसमें सीट चार्ज, कंटेनर और पोस्टल शुल्क शामिल होता है। भुगतान सफल होने के बाद 10 से 15 दिनों में नक्शा आपके घर पर पोस्ट द्वारा पहुंच जाता है।
निष्कर्ष
बिहार में जमीन का नक्शा प्राप्त करना अब पहले की तुलना में काफी आसान और सुलभ हो गया है। सोनपुर मेला 2025 के दौरान बिहार सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सुविधा लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है, जहाँ मात्र ₹150 प्रति सीट में सही और पूर्ण नक्शा हाथों-हाथ प्राप्त किया जा सकता है। मेला में नक्शा लेने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप वहीं पर नक्शे का प्रीव्यू देखकर तुरंत पुष्टि कर सकते हैं कि जो नक्शा आप ले रहे हैं, वह आपके मौजा और प्लॉट से मेल खाता है या नहीं। इससे गलत मैप मिलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया भी एक उत्कृष्ट विकल्प है, खासकर उनके लिए जो मेला नहीं जा सकते। घर बैठे आप जिला, मौजा, सीट और मैप का प्रकार चुनकर आसानी से नक्शा ऑर्डर कर सकते हैं। हालांकि ऑनलाइन प्रीव्यू कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है और इसकी लागत भी थोड़ी अधिक पड़ती है, लेकिन फिर भी यह तरीका सुविधाजनक और पूरी तरह वैध है।
कुल मिलाकर, चाहे आप मेला में जाएं या ऑनलाइन ऑर्डर करें दोनों ही तरीके भरोसेमंद हैं। लेकिन खर्च, सुविधा और तुरंत प्रीव्यू जैसे लाभों को देखें तो मेला से नक्शा लेना अधिक बेहतर विकल्प साबित होता है। यदि आप जल्द ही सोनपुर मेला जाने की योजना बना रहे हैं, तो इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं और अपना जमीन का नक्शा बिना किसी परेशानी के प्राप्त करें।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीचे बिहार में जमीन का नक्शा निकालने से जुड़ी सबसे आम और महत्वपूर्ण पूछताछ को विस्तार से समझाया गया है। यह FAQ सेक्शन उन सभी लोगों के लिए उपयोगी है जो पहली बार नक्शा निकाल रहे हैं या प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं।
1. क्या सोनपुर मेला 2025 में सच में केवल ₹150 में नक्शा मिल जाता है?
हाँ, सोनपुर मेला 2025 में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा विशेष स्टॉल लगाया गया है, जहाँ जमीन का नक्शा मात्र ₹150 प्रति सीट में उपलब्ध है। इस शुल्क में कोई अतिरिक्त कंटेनर चार्ज या पोस्टल चार्ज नहीं लिया जाता।
2. क्या नक्शा लेने से पहले प्रीव्यू देखा जा सकता है?
जी हाँ। मेला में नक्शा लेने का सबसे बड़ा लाभ यही है कि आप मौके पर ही बड़ा प्रीव्यू देख सकते हैं। नक्शा सही है या नहीं—यह तुरंत वेरीफाई कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में प्रीव्यू छोटे आकार में होता है, जिससे भ्रम की स्थिति बन सकती है।
3. नक्शा की ‘सीट’ का क्या मतलब होता है?
जमीन का नक्शा कई बार एक ही मौजा के लिए दो, तीन या चार हिस्सों (सीटों) में विभाजित होता है। इसे ही ‘सीट’ कहा जाता है। यदि आपकी जमीन नक्शे के दो सीट में आती है, तो आपको दोनों सीटें लेनी आवश्यक हैं। नहीं तो आपका नक्शा अधूरा दिखाई देगा।
4. ऑनलाइन नक्शा निकालने पर कितना खर्च आता है?
ऑनलाइन नक्शा ऑर्डर करने पर कुल लगभग ₹285 प्रति सीट खर्च होता है। इसमें शामिल है:
- ₹150 — सीट चार्ज
- ₹35 — कंटेनर चार्ज
- ₹100 — पोस्टल चार्ज
मेला में नक्शा लेने पर पोस्टल और कंटेनर चार्ज नहीं लगता।
5. ऑनलाइन ऑर्डर करने पर नक्शा कितने दिनों में मिलता है?
पेमेंट सफल होने के बाद आपका नक्शा 10 से 15 दिनों के भीतर स्पीड पोस्ट द्वारा आपके पते पर पहुंच जाता है।
6. ऑनलाइन नक्शा प्रीव्यू कैसे देखें?
ऑनलाइन प्रक्रिया में आपको ज़िला → सब-डिवीजन → सर्कल → मौजा → मैप टाइप (CS/RS/चकबंदी) → सीट चयन करना होता है। इसके बाद ‘प्रिव्यू मैप’ पर क्लिक करने पर नक्शा स्क्रीन पर दिखाई देता है। सही होने पर ही ऑर्डर करें।
7. कौन-कौन से प्रकार के नक्शे उपलब्ध हैं?
मुख्य रूप से तीन प्रकार के नक्शे उपलब्ध होते हैं:
- CS (Cadastral Survey) – सबसे पुराना और अधिकतर जगह उपयोग होने वाला
- RS (Revisional Survey) – संशोधित और अपडेटेड संस्करण
- चकबंदी मैप – चकबंदी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष नक्शा
आपके क्षेत्र में कौन सा सर्वे लागू है, यह चयन करते समय वेबसाइट बता देती है।
8. क्या मेला में नक्शा लेने पर सरकारी सहायता मिलती है?
हाँ, मेला में मौजूद कर्मचारी आपकी पूरी सहायता करते हैं। वे आपको सही मैप, सही सीट और मौजा चयन में मदद करते हैं। ऑनलाइन में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
9. क्या नक्शा लेने के बाद गलती मिलने पर पैसे वापस मिलते हैं?
नहीं। नक्शा प्रिंट हो जाने के बाद पैसे वापस नहीं किए जाते। इसलिए मेला में प्रीव्यू देखकर ही नक्शा निकलवाना सबसे सुरक्षित तरीका है।
10. क्या मैं सिर्फ नक्शा देख सकता हूँ, निकालना जरूरी नहीं?
हाँ। अगर आपको केवल जमीन का नक्शा देखना है, तो वेबसाइट पर मुफ्त में प्रीव्यू उपलब्ध है। आप चाहें तो उसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं।
11. क्या मेला में केवल नक्शा ही मिलता है?
नहीं। नक्शे के अलावा मेला में दाखिल-खर्च, परिमार्जन और अन्य भूमि से जुड़ी कई सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। यानी यह भूमि संबंधित कामों के लिए एक वन-स्टॉप समाधान है।